समस्याओं पर चर्चा से पहले कुछ तथ्य देख लें।
🔴 सोचिए, हम कहाँ पहुँच गए हैं…
📅 18 अगस्त 2025, गाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश):
महराजगंज स्थित सनबीम स्कूल में 10वीं के छात्र आदित्य वर्मा की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। यह घटना सुबह लगभग 9:30–10:00 बजे के बीच स्कूल के बाथरूम में हुई, जिसमें 9वीं के छात्र ने चाकू से हमला किया।
📅 19 अगस्त 2025, अहमदाबाद (गुजरात):
क्लास 8–9 के छात्र ने पूरे स्कूल के सामने अपने सीनियर पर चाकू से हमला कर दिया।
📅 20 अगस्त 2025, काशीपुर (उत्तराखंड):
9वीं के छात्र ने अपने शिक्षक को थप्पड़ मारने की घटना के बाद गुस्से में लंच बॉक्स में तमंचा छिपाकर स्कूल लाया और कक्षा में ही गोली चला दी। गोली कंधे के नीचे लगी और शिक्षक गंभीर हालत में अस्पताल पहुँचे। घटना के बाद जिलेभर के शिक्षक धरने और हड़ताल पर बैठ गए।
📅 शिवसागर (असम):
एक स्कूल में 11वीं के छात्र ने अपने केमिस्ट्री शिक्षक राजेश बरुआ की धारदार वस्तु से हमला कर हत्या कर दी।
📅 दूसरी जगह:
एक टीचर ने छात्र को सिर्फ़ हेयरकट पर टोका, तो उसी छात्र ने चाकू से टीचर पर हमला कर दिया।
📅 एक और मामला:
अनुशासन सिखाने के लिए थप्पड़ मारने पर टीचर को 6 महीने जेल की सज़ा सुनाई गई।
📌 नतीजा साफ है —
कल के बच्चे अनुशासनहीन, अधीर और हिंसक वयस्क बनेंगे।
आज अगर टीचर्स डर के मारे चुप हो जाएँ और पेरेंट्स हर बार बच्चों की जिद पूरी करते रहें, तो कल यही बच्चे क्रूक, गुंडे और अपराधी बनकर हमारे सामने खड़े होंगे।
👉 अनुशासन सिखाना कठोरता नहीं, ज़िम्मेदारी है।
👉 “ना” सुनाना अत्याचार नहीं, बच्चों की हिफ़ाज़त है।
⚡ याद रखिए —
अगर आज हम बच्चों को सँभाल नहीं पाए, तो कल पूरा समाज इनसे संभाल नहीं पाएगा।